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तुर्की ने सैन्य विमानन में रचा AI इतिहास

 


Autonomous AI Breakthrough in Aviation

Introduction

2025 के अंत में तुर्की के रक्षा तकनीक क्षेत्र ने वैश्विक स्तर पर एक बड़ा तकनीकी मील का पत्थर हासिल किया, जिसने सैन्य विमानन और स्वायत्त प्रणालियों के भविष्य को नई दिशा दी। 28 दिसंबर को तुर्की की एयरोस्पेस कंपनी Baykar ने घोषणा की कि उसके दो Bayraktar Kizilelma मानव रहित फाइटर जेट्स ने बिना किसी मानवीय नियंत्रण के दुनिया की पहली पूरी तरह स्वायत्त क्लोज़ फॉर्मेशन फ्लाइट सफलतापूर्वक पूरी की। यह उपलब्धि अब तक केवल मानव पायलटों द्वारा उड़ाए जाने वाले विमानों तक सीमित मानी जाती थी और सैन्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में लंबे समय से एक बड़ी चुनौती के रूप में देखी जा रही थी।

क्या हुआ, कब हुआ, कैसे हुआ

28 दिसंबर 2025 को तुर्की में Baykar की विकसित Bayraktar Kizilelma नामक दो jet-powered unmanned combat aircrafts ने बिना इंसानी हस्तक्षेप के close formation flight पूरी की — यानी दोनों विमान ने आसमान में संगठित, सटीक दूरी बनाकर एक साथ उड़ान भरी।

यह परीक्षण Akıncı Flight Training and Test Center, Çorlu में किया गया, जहां तीसरे (PT3) और पांचवें (PT5) प्रोटोटाइप ने क्रम से टेक-ऑफ किया और onboard AI-driven fleet autonomy software के ज़रिये समान दूरी पर एक-दूसरे की स्थिति को realtime में समायोजित किया।

Baykar के अनुसार यह दुनिया में पहली बार है जब युद्ध-क्षमता वाले unmanned jet drones ने इतनी जटिल formation flying बिना किसी मानव नियंत्रण के पूरी की।

क्यों यह महत्वपूर्ण है

Formation flight तकनीकी रूप से बेहद कठिन होती है क्योंकि दो उच्च-गति वाले विमान को एक-दूसरे से सटीक दूरी और तालमेल के साथ उड़ना होता है। इसका पारंपरिक संचालन मानव पायलटों द्वारा किया जाता रहा है। Baykar के इस परीक्षण ने यह सिद्ध कर दिया कि AI और onboard autonomy systems अब इंसानी प्रतिक्रिया-समय से भी बेहतर समन्वय कर सकते हैं।

विशेषकर यह उस युद्ध-तकनीक की ओर एक छलांग है जहाँ multiple autonomous एयर प्लेटफॉर्म साथ-सath ऑपरेट कर सकते हैं। इसे भविष्य में manned-unmanned teaming (MUM-T) के लिए आधार भी माना जाता है, जिसमें इंसानी पायलट और AI-संचालित ड्रोन एक साथ मिशन निभा सकते हैं।

Benefits & Disadvantages

Benefits:
• Autonomous flight से pilot जोखिम कम होगा।
• Multi-aircraft coordination की नई क्षमताएं उभरेंगी।
• High-intensity missions में तेज निर्णय क्षमता।

Disadvantages:
• AI-system failures के जोखिम होंगे।
• Cybersecurity और spoofing हमलों की चिंताएँ बढ़ सकती हैं।
• Autonomous air combat में ethical और legal चुनौतियाँ।

Public Reaction + Expert Opinion

Ground report के अनुसार कई टेक-विश्लेषक और defence strategists ने इस उपलब्धि को “ऐतिहासिक तकनीकी प्रसार” बताया है।

Users ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह उन्नति न केवल युद्ध-तकनीक बदल सकती है बल्कि नागरिक वाहनों और autonomous logistics drones के विकास को भी प्रभावित करेगी।

Experts का मानना है कि Dr. Selçuk Bayraktar, Chairman & CTO, Baykar ने कहा है कि यह milestone “AI-driven autonomous aviation” के युग की शुरुआत है और इससे global defence एप्लिकेशंस में नई संभावनाएँ खुलेंगी।

India-Specific Impact

भारत जैसे देश जहाँ अभी भी AI-integrated defence systems और UAV autonomy पर काम चल रहा है, के लिए यह खबर सचेत करने वाली है। भारतीय रक्षा अनुसंधान समुदाय — जैसे DRDO और HAL — ऐसे वैश्विक benchmarks को ध्यान में रखकर अपनी autonomous platforms पर R&D तेज कर सकते हैं।

भारत की सुरक्षा-रणनीति में AI-संचालित एयर सिस्टम्स को शामिल करना सुरक्षा गहराई और रणनीतिक प्रतिस्पर्धा दोनों के लिए आवश्यक माना जा रहा है।

Future Impact

Baykar ने पुष्टि की है कि यह परीक्षण योजना के अंतर्गत सबसे तेज़ी से विकसित capabilities में से एक है और 2026 में ऐसे और भी autonomous मिशन trials किये जायेंगे — जिनमे beyond-visual-range coordination और multi-aircraft swarm missions शामिल हैं।

सरकारी स्तर पर NATO और अन्य defence alliances ने भी इस तकनीक पर गौर करना शुरू कर दिया है, ताकि AI-driven aerial systems के नियम और अंतरराष्ट्रीय मानक तय किये जा सकें।

Conclusion

Baykar के Bayraktar Kizilelma drones द्वारा autonomous close formation flight एक watershed moment साबित हुआ है — यह न केवल रक्षा-तकनीक के AI-कुशल प्रयोग को दर्शाता है, बल्कि आने वाले वर्षों में air combat और autonomous systems के चलन को भी दिशा देगा।

इस breakthrough के अनुसार सरकारों, सुरक्षा विशेषज्ञों और टेक समुदाय को मिलकर सुरक्षित, ethical और उच्च-स्तरीय autonomous aviation frameworks पर काम जारी रखना होगा।

अगर आप ऐसे टेक प्रगति और global innovation की खबरों पर नजर बनाए रखना चाहते हैं तो हमारे साथ जुड़े रहें।

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