Government Unveils Draft Accessibility Rules for OTT
Introduction
नई दिल्ली — भारत सरकार ने OTT प्लेटफॉर्म के लिए ड्राफ्ट एक्सेसिबिलिटी गाइडलाइंस जारी कर दी हैं। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि ऑनलाइन स्ट्रीमिंग कंटेंट दृष्टिबाधित और श्रवण बाधित दर्शकों के लिए भी समान रूप से सुलभ हो। यह पहल ऐसे समय आई है जब देश में OTT दर्शकों की संख्या तेज़ी से बढ़ रही है और डिजिटल समानता पर दबाव भी।
Detailed News Report
क्या हुआ है
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने OTT प्लेटफॉर्म के लिए एक्सेसिबिलिटी से जुड़े ड्राफ्ट दिशा-निर्देश सार्वजनिक किए हैं। इनका उद्देश्य ऑनलाइन क्यूरेटेड कंटेंट को दिव्यांग व्यक्तियों के लिए उपयोगी बनाना है।
Source: https://legal.economictimes.indiatimes.com/news/law-policy/india-introduces-draft-guidelines-for-ott-accessibility-for-disabled-users/125937974
कब जारी हुए
ये ड्राफ्ट दिशा-निर्देश दिसंबर 2025 के अंत में सार्वजनिक परामर्श के लिए जारी किए गए। मंत्रालय ने नागरिकों, विशेषज्ञों और इंडस्ट्री से सुझाव मांगे हैं।
Source: https://legal.economictimes.indiatimes.com/news/law-policy/india-introduces-draft-guidelines-for-ott-accessibility-for-disabled-users/125937974
क्यों ज़रूरी माने जा रहे हैं
भारत में लाखों दृष्टिबाधित और श्रवण बाधित लोग डिजिटल मनोरंजन से पूरी तरह जुड़ नहीं पाते। सरकार का मानना है कि OTT प्लेटफॉर्म को दिव्यांग अधिकार कानून और संविधान के समानता सिद्धांतों के अनुरूप होना चाहिए।
Source: https://legal.economictimes.indiatimes.com/news/law-policy/india-introduces-draft-guidelines-for-ott-accessibility-for-disabled-users/125937974
कैसे लागू करने का प्रस्ताव है
ड्राफ्ट के अनुसार, नए कंटेंट में अनिवार्य रूप से सबटाइटल और ऑडियो डिस्क्रिप्शन जैसे फीचर देने होंगे। पुराने कंटेंट को चरणबद्ध तरीके से एक्सेसिबल बनाने का सुझाव है।
Source: https://mib.gov.in
Benefits & Disadvantages
फायदे
• दिव्यांग दर्शकों को OTT कंटेंट तक समान पहुंच
• डिजिटल प्लेटफॉर्म पर समावेशन को बढ़ावा
• भारत की वैश्विक डिजिटल छवि मजबूत
नुकसान
• छोटे प्लेटफॉर्म के लिए लागत बढ़ सकती है
• पुराने कंटेंट को अपडेट करना तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण
Public Reaction + Expert Opinion
Ground report के अनुसार…
दिव्यांग अधिकार संगठनों ने इस कदम का स्वागत किया है और इसे लंबे समय से लंबित सुधार बताया है।
Users ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा…
कि यदि सबटाइटल और ऑडियो विकल्प सही से लागू हुए तो परिवार के सभी सदस्य एक साथ OTT कंटेंट देख सकेंगे।
Experts का मानना है…
डॉ. सुनीता वर्मा, डिजिटल एक्सेसिबिलिटी विशेषज्ञ, Inclusive Media Foundation:
“ड्राफ्ट नियम सही दिशा में कदम हैं, लेकिन इनकी सख़्त निगरानी और समयबद्ध क्रियान्वयन बेहद ज़रूरी होगा।”
Source: https://legal.economictimes.indiatimes.com/news/law-policy/india-introduces-draft-guidelines-for-ott-accessibility-for-disabled-users/125937974
India-Specific Impact
भारत में OTT उपयोगकर्ता करोड़ों में हैं। एक्सेसिबिलिटी नियम लागू होने से ग्रामीण और शहरी, दोनों क्षेत्रों में दिव्यांग दर्शकों की भागीदारी बढ़ेगी। यह डिजिटल इंडिया के समावेशी लक्ष्य से सीधा जुड़ता है।
Source: https://www.afaqs.com/news/media/indias-ott-audience-hits-601-million-paid-subscriptions-at-148-million-ormax-report-10469442
Future Impact
सरकार ने स्पष्ट किया है कि ये केवल ड्राफ्ट नियम हैं। अंतिम अधिसूचना सार्वजनिक परामर्श के बाद जारी की जाएगी। किसी दंडात्मक प्रावधान की घोषणा अभी नहीं हुई है।
Source: https://legal.economictimes.indiatimes.com/news/law-policy/india-introduces-draft-guidelines-for-ott-accessibility-for-disabled-users/125937974
इसी व्यापक डिजिटल नीति के तहत केंद्र सरकार ने हाल ही में इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े कई प्रोजेक्ट्स को मंज़ूरी दी है, जिससे OTT और डिजिटल डिवाइस इकोसिस्टम को तकनीकी मजबूती मिलने की बात कही जा रही है।
Source: https://earthinsidernews.blogspot.com/2026/01/india-electronics-component-projects-approval-2026.html
Source: https://earthinsidernews.blogspot.com/2026/01/india-electronics-component-projects-approval-2026.html?m=1
Conclusion
OTT प्लेटफॉर्म के लिए ड्राफ्ट एक्सेसिबिलिटी नियम भारत के डिजिटल भविष्य में एक अहम मोड़ माने जा रहे हैं। अगर इन्हें प्रभावी ढंग से लागू किया गया, तो यह कदम करोड़ों दिव्यांग नागरिकों को डिजिटल मनोरंजन की मुख्यधारा से जोड़ सकता है। सरकार और इंडस्ट्री की अगली कार्रवाई पर अब सबकी नज़र है।

Comments
Post a Comment
Thank For Comments 😊